50+ Best Dard Bhari Shayari in Hindi – Dard Bhari Shayari

Dard Bhari Shayari – दोस्तों आज के समय मे बहुत से लोगों के अंदर बहुत दर्द होता और ये दर्द कोई ऐसा दर्द नहीं की कोई बीमारी हो बल्कि यह दर्द तो और केवल प्यार का होता क्योंकि जब आप किसी से महोबत करो और वह आपको न मिले तो आपका दिल दर्द से कराने लगता है।

इस लिए आज हम आपको यह Dard Bhari Shayari पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत ही ज्यादा पसंद आएगा साथ मे आप इन सभी Dard Bhari Shayari को अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकते हो जिनको भी प्यार मे दर्द मिल है।

 

Dard Bhari Shayari in Hindi

अब आइए आपको हम यह Dard Bhari Shayari in Hindi पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत ही ज्यादा पसंद आएगी साथ मे आप इन जैसी Dard Bhari Shayari को अपने दोस्तों मे भी शेयर करे।

 

 

दूर रहकर भी मेरे क़रीब हो,

मेरे दिल से पूछो कितने अज़ीज़ हो,

अपनी हथेली को कभी गौर से देखना,

खुद जान जाओगे कि तुम मेरा नसीब हो.,

 

कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि तुमने,

किसे चाहा और कितना चाहा,

हमें तो ये पता है कि हमने,

सिर्फ तुम्हें चाहा और हद से ज़्यादा चाहा.,

 

तुम्हें सोच कर खुद को भूल जाते हैं,

तन्हाई में अक्सर ग़ज़ल गुनगुनाते हैं,

इश्क़ हो गया है या कोई और बला है,

बेवजह यूँ हर घड़ी अब मुस्कुराते हैं.,

 

यह दिल तेरे लिए बेकरार आज भी है,

मेरी आँखों को तेरा इंतज़ार आज भी है,

तू आएगी यह उम्मीद है मुझे,

मुझे तुम पे ऐतबार आज भी है.,

 

दिमाग कह रहा है,
अब वो कभी याद नही करेंगे,
ओर दिल कह रहा है,
थोड़ा और इंतजार कर.,

 

मै खाबो में खोया था तेरे ,
तू मेरे सपनो में खोई थी क्या,
और ये जो मोहब्बत मोहब्बत करती हो,
तुम्हे सच में मोहब्बत हुई थी क्या.,

 

चाहे कोई जैसा भी हसफ़र हो सदियों से,
रास्ता बदलने में देर कितनी लगती है,
ये तो वक़्त के बस में है, की कितनी मोहलत दे,
वरना वक़्त ढलने में देर कितनी लगती है.,

 

गिराया जिसे अपनों ने वो उठकर फिर क्या करता,
परायों से जो लड़ा नहीं वो अपनों से क्या लड़ता.,

 

तेरी बातों का असर जो छाया है मेरे दिल पर,
यक़ीनन मुझे तड़पाएगा अब ये रात भर,
सोचा भूल जाऊंगा तुझे अब करूँगा ना याद,
मगर दर्द ही मिला मुझे, तुझे भूल कर.,

 

क्या प्यार में सोचा था, क्या प्यार में पाया हैं,
तुझको मिलाने की चाहत में, खुद को मिटाया हैं,
इस पर भी कोई इलज़ाम, ना तुझ पर लगाया हैं,
मेरी ही ख्वाईशो ने, आज मुझे अर्थी पर सुलाया हैं.,

 

यह ग़ज़लों की दुनिया भी अजीब है,
यहाँ आँसुओं का भी जाम बनाया जाता है,
कह भी देते हैं अगर दर्द-ए-दिल की दास्तान,
फिर भी वाह-वाह ही पुकारा जाता है.,

 

Teachers Day Shayari 

 

कसम से सब्र की इन्तहा हो चली हैं,
दर्द-ए-दिल कहना हैं अब मुश्किल,
और येह आँखें वीरान हो चली हैं.,

 

ज़िन्दगी के उलझे सवालो के जवाब ढूंढता हु,
कर सके जो दर्द कम, वोह नशा ढूंढता हु,
वक़्त से मजबूर, हालात से लाचार हु मैं,
जो देदे जीने का बहाना ऐसी राह ढूंढता हु.,

 

मेरे बहते आंसुओ की कोई कदर नहीं,
क्यों इस तरह नजरो से गिरा देते हो,
क्या यही मौसम पसंद है तुम्हे जो,
सर्द रातो में आंसुओ की बारिश करवा देते हो.,

 

मोहब्बत का मेरे सफर आख़िरी है,
ये कागज, कलम ये गजल आख़िरी है,
मैं फिर ना मिलूंगी कहीं ढूंढ लेना,
तेरे दर्द का ये असर आख़िरी है.,

 

यह इश्क का जुआ हम भी खेल चुके हैं दोस्त,
रानी किसी और की हुई और जोकर हम बन गए.,

 

डालकर आदत बेपनाह मोहब्बत की,
अब कहते हैं, समझा करो वक्त नहीं है.,

 

ये तो जमीन की फितरत है,
वो हर चीज को मिटा देती है,
वरना तेरी यादों में गिरने वाले,
आंसुओं का अलग समंदर होता.,

 

और कितनो से दिल लगाओगे,
और कितनो का दिल दुखाओगे,
किसी रोज किसी के खातिर,
तुम भी तड़पते रह जाओगे.,

 

दर्द वही देते हैं जिन्हें आप,
अपने होने का हक देते हैं। वरना,
गैर तो हल्का सा धक्का लगने पर भी,
माफी मांग लिया करते हैं.,

 

dard bhari shayari

 

अकेले रोना भी क्या खूब कारीगरी है,
सवाल भी खुद के होते हैं और जवाब भी खुद के.,

 

जब दर्द हद से ज्यादा बढ़ जाता है,
तो नजरों से अश्कों की जगह,
लफ्जों से अल्फाज निकलने लगते हैं.,

 

एक दिन जब हुआ प्यार का एहसास उन्हें,
वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे,
और हम भी इतने खुदगर्ज निकले यारों की,
आँखें बंद कर के कफन में सोते रहे.,

 

रखी ही नहीं फिर किसी से मोहब्बत की आस,
एक तेरी याद ही बहुत है जिंदगी भर तडपाने के लिए.,

 

दर्द से दोस्ती हो गई यारों,
जिंदगी बेदर्द हो गई यारों,
क्या हुआ जो जल गया आशियाना हमारा,
दूर तक रोशनी तो हो गई यारों.,

 

मत बनाना इस जहाँ में रिश्ता,
बहुत मुश्किल उन्हें निभाना होगा,
एक नया दर्द देगा, हर एक नया रिश्ता,
एक तरफ तुम बेबस खड़े होगे,
और दूसरी तरफ हँसता हुआ जमाना होगा.,

 

Vidai Shayari

 

ये तो बस वही जान सकता है,
मेरी तन्हाई का आलम,
जिसने जिंदगी में किसी को,
पाने से पहले खोया हो.,

 

हम तो ख्वाबो की दुनिया में बस खोते गये,

होश तो था फिर भी मदहोश होते गये,

उस अजनबी चेहरे में क्या जादू था,

न जाने क्यों हम उसके होते गये.,

 

पत्ते गिर सकते है पर पेड़ नहीं,

सूरज दुब सकता है पर आसमान नहीं,

धरती सुख सकती है पर सागर नहीं,

तुम्हे दुनिया भूल सकती है पर मै नहीं.,

 

चाहा ना उसने मुझे बस देखता रहा,

मेरी ज़िंदगी से वो इस तरह खेलता रहा,

ना उतरा कभी मेरी ज़िंदगी की झील में,

बस किनारे पर बैठा पथर फेंकता रहा.,

 

dard bhari shayari

 

कोई मिला ही नही हमे कभी हमारा बन कर,

वो मिला भी तो हमे सिर्फ किनारा बनकर,

हर ख्वाब बन कर टुटा है यहां,

अब बस इंतज़ार ही मिला है एक सहारा बन कर.,

 

पाने से खोने का मज़ा कुछ और है,

बंद आँखों से सोने का मज़ा कुछ और है,

आँसू बने लफ़ज़ और लफ़ज़ बनी जुबा,

इस ग़ज़ल में किसी के होने का मज़ा कुछ और है.,

 

सांसो का पिंजरा किसी दिन टूट जायेगा,

ये मुसाफिर किसी राह में छूट जायेगा,

अभी जिन्दा हु तो बात क्र लिया करो,

क्याब पता कब हम से खुदा रूठ जायेगा.,

 

कभी रूत ना जाना मुझे मनाना नहीं आता,

कभी दूर ना जाना मुझे पास बुलाना नहीं आता,

अगर तुम भूल जाओ तो वो तुम्हारी मर्जी,

हमें तो भूल जाना भी नहीं आता.,

 

हज़ारो बातें मिल कर एक राज़ बनता है,

सात सुरों के मिलने से साज़ बनता है,

आशिक़ के मरने पर कफ़न भी नहीं मिलता,

और हसीनाओ के मरने पर ताज़ बनता है.,

 

जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें,

हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें,

मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी,

क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं.,

 

दिन हुआ है, तो रात भी होगी,

मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी,

वो प्यार है ही इतना प्यारा,

ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी.,

 

होले होले कोई याद आया करता है,

कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है,

उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,

जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है.,

 

मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था,

एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था,

एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी,

और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था.,

 

की थी मोहब्बत जब हमने,
तो उसका अंजाम किसे मालूम था,
मिलेगा दर्द वफ़ा के बदले,
यह ईनाम किसे मालूम था.,

 

यूं बदलने का अंदाज ज़रा हमें भी सीखा दो,
जैसे हो गए हो तुम बेवफ़ा वैसे हमें भी बना दो.,

 

dard bhari shayari

 

ना दिन ढंग से गुजरता है,
ना रात को नींद आती है,
क्या करूँ मैं ऐ दोस्त मेरे,
तेरी याद बहुत सताती है.,

 

मेरे अल्फाज़ों को झूठ ना समझना,
याद आती हो बहुत मिलने की दुआ रना,
जी रहा हूँ तुम्हारा नाम लेकर,
मर जाऊ तो बेवफा ना समझना.,

 

हर सपना किसी का पूरा नहीं होता,
कोई किसी के बिना अधुरा नहीं होता,
जो रौशन करता हैं सब रातों को,
वो चाँद भी तो हर रात पूरा नहीं होता.,

 

इस पोस्ट में आपको हमने स्पेशल Dard Bhari Shayari पढाई जो हम आशा करते की आपको बेहद पसंद आई होगी अगर हां तो आप अगली बार हमरी Hindi shayari की बाकि शयरी जरुर पढ़े.

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