50+ Naraz Shayari in Hindi with Image | Naraz Shayari

Naraz Shayari – दोस्तों आज के समय मे हर किसी को बड़ी ही जल्दी किसी भी बात पर गुस्सा अ जाता है लेकिन गुस्सा से कोई हाल तो नहीं निकलता बस जो आपके बीच के दूरी होती वो केवल बढ़ जाती इस लिए आज हम आपको कुछ स्पेशल Naraz Shayari पढ़ाने जा रहे जिसे आप उन सभी लोगों को भेज सकते हो जो आपसे किसी बात को लेकर नाराज हो गए है।

तो आइए पढे इन सभी Naraz Shayari को और फिर इन सभी Naraz Shayari को अपने उन सभी खास लोगों को भेजे जो आपसे किसी बाट को लेकर नाराज हो गए है। तो आइए सुरू करे पढ़ना इन सभी Naraz Shayari को बिना किसी परेशानी।

 

Naraz Shayari in Hindi

अब आपको हम यह Naraz Shayari in Hindi पढ़ाने जा रहे आप पहले इन सभी Naraz Shayari को पढे फिर इन को आप अपने नाराज दोस्तों को शेयर करे ताकि उनका गुस्सा कुछ कम हो जाए।

 

मुझसे नाराज हो क्या जो हमसे नजरे चुरा रहे हो,
वो कौन सी ऐसी बात है जो अपने दिल में ही दबा रहे हो.,

 

ज़माना अगर हमसे रूठ भी जाए तो,
इस बात का हमें कोई गम ना होगा,
मगर आप जो हमसे खफा हो गए तो,
हम पर इससे बड़ा कोई सितम ना होगा.,

 

हस्ते थे जो बिना मतलब के कभी,
आज उन्होंने अपने दामन आँसुओं से सना लिया है,
और वो अभी तक नाराज है मुझसे,
ऐसा लगता है उसे किसी और ने माना लिया है.,

 

आज आप कुछ नाराज से लगते हो,
कोई तरकीब तो बताओ मनाने की,
हम अपनी ज़िंदगी अमानत रख देंगे,
आप कीमत तो बताओ मुस्कुराने की!

 

Hate Shayari

 

कोई शिकवा हो तो हमसे शिकायत कर लेना,
ऐसे खामोश रहकर क्यूँ मेरा दिल दुखाते हो.,

 

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे.,

 

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है.,

 

चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह,
देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह,
जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों,
सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह.,

 

बैठ कर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया,
उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर.,

 

तुम्हारी नफरत पर भी लुटा दी ज़िन्दगी हमने,
सोचो अगर तुम मुहब्बत करते तो हम क्या करते.,

 

भुलाना ही था मुझको तो नफरत का सहारा क्यूँ,
डूबने देते मुझको यूँ ही दिखाया था किनारा क्यूँ.,

 

नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से,
अगर मैं तेरे ही अंदाज में तुझसे बात करुं.,

 

तेरे साथ के आगे जन्नत कुछ भी नहीं,

और तेरे साथ के सिवा मेरी कोई मन्नत भी नही.,

 

जी करता है तेरे संग भीगू मोहब्बत की बरसात मे,

और रब करे उसके बाद तुझे इश्क़ का बुखार हो जाए.,

 

कोई भी रिश्ता ना होने पर भी जो रिश्ता निभाता हैं,

वो रिश्ता एक दिन दिल की गहराइयों को छू जाता हैं.,

 

शर्मा कर मत छुपा चहरे को पर्दे में,

हम चेहरे के नहीं, तेरी आवाज के दीवाने है.,

 

naraz shayari

 

बिछड़ के तुझ से किसी दूसरे पे मरना है,

ये तजरबा भी इसी ज़िंदगी में करना है.,

 

हर बात खामोशी से मान लेना,
यह भी अंदाज़ होता है नाराज़गी का.,

 

यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता,
सच बोलकर कोई किसी को नाराज़ नहीं करता.,

 

मुझे तो तुमसे नाराज,
होना भी नहीँ आता,
न जाने तुम से कितनी,
मोहब्बत कर बैठा हूँ मै.,

 

ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़,
मुझको आदत है मुस्कुराने की.,

 

“रिश्ता” दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं,
“नाराजगी” शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं.,

 

तुझ से नहीं तेरे वक़्त से नाराज हूँ,
जो कभी तुझे मेरे लिए नहीं मिला.,

 

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी ना रहेगी,

तुम्हारे बिना चिरागो में रौशनी न रहेगी,

क्या कहे क्या गुज़रेगी इस दिल पर,

ज़िंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी ना रहेगी.,

 

बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,

हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,

तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,

कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से.,

 

हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,

आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,

हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,

क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया.,

 

हम रूठे भी तो किसके बहाने रूठे,

कौन है जो आएगा हमें मनाने,

हो सकता है तरस आ भी जाए आपको,

पर दिल कहाँ से लाये आपसे रूठ जाने के लिए.,

 

माना आजकल काम देता तुझे वक्त हूँ,

आजकल थोड़ा सा सख्त हूँ,

माना तेरा हाल नहीं पूछ पाता,

पर ये तुझसे कोई चोरी नहीं है,

बस ये समझ ले तेरे बिना मेरी राते पूरी नहीं है.,

 

naraz shayari

 

कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे,

मिलना पड़ेगा कभी न कभी ज़रूर हमसे,

नज़रे चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी,

कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे.,

 

तुम हँसते हो मुझे हंसाने के लिए,

तुम रोते हो मुझे रुलाने के लिए,

एक बार रूठ कर तो देखो,

मर जाएंगे तुम्हे मनाने के लिए.,

 

तू क्यों दूर है इतना मुझसे, तुझे चाहता हूँ मैं

पूरे दिल से सुन ले मेरी आरज़ू,

तू ही मेरी जान है, तू ही सारा जहाँ है.,

 

बेखबर, बेवजह बेरुखी ना किया कर,
कोई टूट जाता है तेरा लहजा बदलने से.,

 

शेरो-शायरी तो #दिल बहलाने का ज़रिया है जनाब,
लफ़्ज़ कागज पर उतारने से महबूब नहीं लौटा करते.,

 

बहुत मशरूफ हो शायद, जो हम को भूल बैठे हो,
न ये पूछा कहाँ पे हो, न यह जाना कि कैसे हो.,

 

आपके बिन टूटकर बिखर जायेंगे,
मिल जायेंगे आप तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
अगर न मिले आप तो जीते जी मर जायेंगे,
पा लिया जो आपको तो मर कर भी जी जायेंगे.,

 

मोहब्बत के भी कुछ अंदाज़ होते हैं,
जगती आँखों के भी कुछ ख्वाब होते हैं,
जरुरी नहीं के ग़म में आँसू ही निकले,
मुस्कुराती आँखों में भी शैलाब होते हैं.,

 

मुझे इश्क के लिए तेरी जरुरत नहीं,
कुछ यादें और कुछ तस्वीरे छुपा रखी है दिल में.,

 

कहता था तू ना मिला मुझे,
तो मैं मर जाऊंगा,
वो आज भी जिंदा है यही बात,
किसी और से कहने के लिए.,

 

आज फिर याद आये,
तुम उन बीते लम्हों में,
आखिर वो लम्हे ही तो हैं,
जिन्हें हम अपना बना पाए.,

 

खामोशियां बोल देती है, जिनकी बाते नहीं होती,
इश्क वो भी करते हैं, जिनकी मुलाकाते नहीं होती.,

 

naraz shayari

 

कभी मौका मिला तो,
हम किस्मत से शिकायत जरुर करेंगे,
क्यों छोड़ जाते हैं वो लोग,
जिन्हें हम टूट कर चाहते हैं.,

 

सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें.,

 

वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई.,

 

होले होले कोई याद आया करता है,
कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है,
उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,
जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है.,

 

अब तेरे बिना जिंदगी गुजारना मुमकिन नही है,
अब और किसी को इस दिल में बसाना आसान नही है,
हम तो तेरे पास कब के चले आये होते सब कुछ छोड़ कर,
लेकिन तूने कभी हमे दिल से पुकारा ही नही है.,

 

मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था,
एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था,
एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी,
और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था.,

 

चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,
हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,
अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,
लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है.,

 

हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है.,

 

इस पोस्ट में आपको हमने स्पेशल Naraz Shayari पढाई जो हम आशा करते की आपको बेहद पसंद आई होगी अगर हां तो आप अगली बार हमरी Hindi shayari की बाकि शयरी जरुर पढ़े.

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