50+ Rajput Shayari in Hindi with Image – Rajput Shayari

Rajput Shayari – दोस्तों अब हम आपको कुछ Rajput Shayari पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत ही ज्यादा पसंद एगे साथ मे आप इन सभी Rajput Shayari को अपने दोस्तों व अपनी फोटो के स्टैटस मे भी लगा सकते है।

 इसलिए आइए पढे हम सब यह Rajput Shayari और इसे अपने राजपूत दोस्तों को भी शेयर करके उनको भी गर्व महसूस करवाए ताकि वह भी यह सोच सके की राजपूत होना उनके लिए कितने गर्व की बाट है।

 

Rajput Shayari in Hindi

आपको अब हम यह Rajput Shayari in Hindi पढ़ाने जा रहे जिसे आप पढे भी साथ मे आप इसे अपने दोस्तों मे शेयर भी करे ताकि उन्हे बी यह सभी Rajput Shayari पढ़ने का मौका मिल सके।

 

 

जंग खाई तलवार से युद्ध नहीं लड़े जाते,
लंगड़े घोड़े पर दांव नहीं लगाये जाते,
यूं तो लाखों वीर होते है पर सब ,

महाराणा प्रताप नहीं होते.,

 

जिस दिन राजपूतों की सरकार बन गई ना तो,

अयोध्या में राम मन्दिर क्या पाकिस्तान में,

भी माँ भवानी का मन्दिर बना देगें.,

 

राजपुत को जंजीरो में कैद करने का,

सपना मत देख.क्युंकि हम वो आदमखोर,

शेर हैं, जिसका भी शिकार करतें हैं,

उसका जिस्म तो क्या रूह भी दम तोड देती हैं.,

 

जिस शहर में तुम्हें मकान कम और शमशान,

ज्यादा मिलें समझ लेना वहां किसी ने राजपूत,

से आँख मिलाने की जुर्रत की है.,

 

हमारी रगों में वो खून दौड़ता है,

जिसकी एक बूंद अगर तेजाब,

पर गिर जाए तो तेजाब जल जाये.,

 

पहचान की जरूरत उन्हें होती है,

जिनकी कोई शान नहीं होती,

हम राजपूत है हमारा तो नाम ही काफी है.,

 

शेर कभी छुपकर वार नहीं करते ,

बुज़दिल कभी खुलकर वार नहीं,,

 

करते अरे हम तो राजपूत हैं हम तो,

मरके भी हार स्वीकार नहीं करते.,

 

शीश कटे पर झुके नहीं,

आगे बढ़े पर रुके नहीं,

लड़े आंधी और तूफानों में,

आत्म गौरव है राजपूतानो में.,

 

दशहत बनाओ तो शेर जैसी वरना,

खाली डराना तो कुत्ते भी जानते है,

#राजपूत हो तो खूंखार होना चाहिये,

वरना खूबसूरत तो लड़िकयां भी होती है.,

 

 

rajput shayari

 

राजपूत है हम, मौत भी पीछे से धोखा,

 देकर आती है हमें, तो दुश्मन की तो,

औकात कि क्या जो सामने से वार करें.,

 

वो पगली बोली तू स्माइल नहीं करता क्या,

में बोलै अरे पगली जब ठाकुर की स्टाइल,

देखकर ही लड़कियां बेहोश हो जाती है,

अगर स्माइल दूंगा तो मर ही जाएँगी.,

 

तलवार बन्दूक से खेला करू ,

मुझे डर नहीं चौकी – थाने का,

मैं छाती ठोक के कहता हूँ,

मैं छोरा हूँ राजपूत घराने का.,

 

राजपूत का चेहरा तो मासूम लग सकता है,

लेकिन निगाहें हमेशा बब्बर शेर की तरह होती है.,

 

गुंन्डागर्दी और नेतागिरी हर कोई कर सकता है,

बन्नागिरी का ठेका तो हम राजपूतो के पास है.,

 

ना मौत से भय, ना जीवन से प्रीत, धर्म,

हित में जीवन बीते यही है क्षत्रिय रीत.,

 

है गर्व हमें राजपूतों की अतुलित अमिट बलिदान पे,
प्रथ्वीराज की सॉय पर और राणा प्रताप की सान पे.,

 

हम उन जज्बातों की कदर करते है साहब,
जिनमे गाँधी नहीं महाराणा प्रताप जी होते हैं.,

 

सिंह जाने क्षत्रानी जो जाने एक सपूत,
जो उतारे कर्ज दूध रो ते बाजे राजपूत.,

 

राजपूती  आन रखे पगड़ी सान रखें,
संस्कृति रो ध्यान राखे पुरखा रो मान रखे.,

 

रेस वो लोग लगाते है जिसे अपनी किस्मत आजमानी हो,
हम तो वो खिलाडी है जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है.,

 

अपनी औकात में रहना, सीख बेटा वर्ना जो हमारी आँखों में खटकते है,वो श्मशान में भटकते है.,

 

कितने क्यों न आ जायें राहों में,
जो राजपूत के दिल में बस चुका है,
अब उसी की चाहत रहेगी.,

 

बात जब अपने स्वाभिमान की हो,
और राजपूताना के सम्मान की हो,
तो फिर पीछे हटते नही हम,

 

चाहे बाजी फिर अपनी जान की हो.,

बेशक पहनलो हमारे जैसे कपडे और ज़ेवर ,
पर कहा से लाओगे राजपूतो वाले तेवर.,

 

तलवार बन्दूक से खेला करूं,
मुझे डर नहीं चौकी – थाने का,
मैं छाती ठोक के कहता हूँ,
मैं छोरा हूँ राजपूत घराने का.,

 

ग़रीब के क़र्ज़ जैसा है ये राजपुताना इश्क़ भी,
एक बार सिर चढ़ जाए तो उतरता ही नहीं.,

 

हथियार न दिखाना हमको गलती से भी,
शदियों से हथियार ठाकुरो के वफादार रहे है.,

 

न राजपूत गिरा न राजपूत के हथियार गिरे,
पर राजपूतो को गिराणे मे लोग कई बार गिरे.,

 

हमारा शौंक तो तलवार रखने का है,
बन्दूक के लिए तो बच्चे भी ज़िद करते है.,

 

हम राजपूत है हमें दोस्तों को जज़्बात दिखाना आता है,
और दुश्मनो को उनकी औकात दिखाना आता है.,

 

शांत हम शमन्दर जैसे गुस्सा हमारा सुनामी है,
इसी तेवर के चक्कर में दुनिया हमारी दीवानी है.,

 

जात का हु राजपूत में,
ना राग द्वेष रखता हूं,
जे छेड़ गा तू मने तो,
चीर फाड के धर दूँगा.,

 

इतिहास गवाह है कि नेताओं की कुर्सी जनता ने बनाई,
मगर राजपूतों की राजगद्दी उनकी वीरता ने बनाई.,

 

rajput shayari

 

जिस शहर में तुम्हें मकान कम और शमशान ज्यादा मिलें,
समझ लेना वहां किसी ने राजपूत से आँख मिलाने की जुर्रत की है.,

 

जब तक हमारे सर पर ऊपर वाले की रहमत रहेगी,
भगवान कसम हर बन्दे में राजपूत नाम की दहशत रहेगी.,

 

हम बदलते है तो निज़ाम बदल जाते है,
सारे मंज़र सारे अंजाम बदल जाते है,
कौन कहता है राजपूत फिर से पैदा नहीं होते,
पैदा होते है बस नाम बदल जाते हैं.,

 

राजपूत हूं राजपूती शान रखता हूं और,
दुश्मनों के लिये मयान में तलवार रखता हूं.,

 

गुंन्डागर्दी और नेतागिरी हर कोई कर सकता है,
बन्नागिरी का ठेका तो हम राजपूतो के पास है.,

 

हम राजपूत है हमें दोस्तों को जज़्बात दिखाना आता है,
और दुश्मनो को उनकी औकात दिखाना आता है.,

 

राजपूत आफत नहीं जो टल जायेंगे,
आदत हैं जो दिलों दिमाग मे बस जायेंगे.,

 

ग़रीब के क़र्ज़ जैसा है ये राजपुताना इश्क़ भी,
एक बार सिर चढ़ जाए तो उतरता ही नहीं.,

 

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे,
जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे.,

 

हम तो दुश्मनी भी दुश्मन की औकात देख कर करते हैं,
बच्चों को छोड़ देते है और बड़ों को तोड़ देते हैं.,

 

अपना Status खुद बनाने का उसूल है हमारा,
क्योंकि शेर का झूठा शिकार तो कुत्ते भी चाटते हैं.,

 

हुकुमत वो ही करता है जिसका दिलो पर राज हो,
वरना यूँ तो गली के मुर्गो  केसर पे भी ताज होता है.,

 

वो साथ होती तो क्या पता सुधर जाते पर उसने,
धोखा देकर इस राजपूत को और बिगाड़  दिया.,

 

दिल में ‪जूनून और ‪आग ‪‎जैसी ‪जवानी चाहिए,
हम राजपूतों को दुश्मन भी खानदानी चाहिए.,

 

हम तो दुश्मनी भी दुश्मन की औकात देख कर करते हैं,
बच्चों को छोड़ देते है और बड़ों को तोड़ देते हैं.,

 

Attitude अपना आग है, इसलिए हमारे चरित्र पर दाग है,
दुश्मनो के हम बाप हैं, इसलिए पुरे शहर में अपनी धाक है.,

 

मंज़िल नहीं मुझे तो राह से मिलना है,
दुनिया के साथ किसे जीना है,
मुझे तो Attitude में जीकर शान से मरना है.,

 

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ,
नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा.,

 

हालात ने तोड़ दिया हमें कच्चे धागे की तरह,
वरना हमारे वादे भी कभी ज़ंजीर हुआ करते थे.,

 

लगा के आग दौलत में हमने ये शोक पाला है,
कोई पूछे तो कह देना हम राजपुताना वाले है.,

 

खैरात में मिली हुई खुशी हमे पसंद नही है,
क्यूंकि हम गम में भी नवाब की तरह जीते है.,

 

हमारा शौंक तो तलवार रखने का है,
बन्दूक के लिए तो बच्चे भी ज़िद करते है.,

 

शेर को जगाना और हमें सुलाना किसी के बस बात नहीं,
क्यूंकि हम वहां खड़े होते है जहाँ Matter बड़े होते हैं.,

 

वो राजपूत ही क्या जिसकी ज़िंदगी मैं ठाठ नहीं,
और डूब के मर जा वा छोरी, जिसकी ज़िंदगी में राजपूत नहीं.,

 

 

हम पैदा ही उस कुल में हुए है जिनका,
ना तो खून कमजोर है और ना ही दिल.,

 

ठण्ड उनको लगती है जिनके कर्मो में दाग है,
हम तो राजपूत हैं, हमारे खून में भी आग है.,

 

जिन तूफानों में लोगो के झोपड़े उड़ जाते है,
उन तूफानों में तो राजपूत कपड़े सुखाते हैं.,

 

साखों से टूट जाये वो पत्ते नहीं हैं हम,
आंधी से कोई कह दे कि अपनी औकात में रहे.,

 

लगा के आग दौलत में हमने ये शौक पाले है,
कोई पूछे तो कह देना हम राजपूताने वाले है.,

 

हथियार न दिखाना हमको गलती से भी,
शदियों से हथियार ठाकुरो के वफादार रहे है.,

 

तमंचा तो सिर्फ शौक के लिए है,
खौफ के लिए तो नाम ही काफी है.,

 

दुश्मन हथियार दिखाकर डराता है शायद उसे पता नहीं,
मैं राजपूत हूं मेरे बचपन का खिलौना ही हथियार था.,

 

इस पोस्ट में आपको हमने स्पेशल Rajput Shayari पढाई जो हम आशा करते की आपको बेहद पसंद आई होगी अगर हां तो आप अगली बार हमरी Hindi shayari की बाकि शयरी जरुर पढ़े.

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