50+ Tanhai Shayari in Hindi with Image – Tanhai Shayari

Tanhai Shayari – दोस्तों इस तनहाई के अलाम मे अगर आपको कुछ ऐसा खास शायरी मिल जाए जिससे आप अपनी इस तनहाई को तुरंत मिटा सको तो  कितना अच्छा होगा तो इसी लिए आज हम आपके लिए यह Tanhai Shayari लेकर आए जो आपको तहनाई के अलाम मे भी अकेला नहीं रखेगी तो आइए सुरू करे पढ़ना इन सभी Tanhai Shayari को जो आपको बेहद पसंद भी आएगी।

इस लिए आइए साथ मे पढे इन सभी Tanhai Shayari को वो भी बिना किसी गम के तो आइए पढे और अपने दोस्तों मे शेयर भी करे ताकि वह भी इन Tanhai Shayari Hindi को पढ़ कर अपने आप को अकेला महसूस न करे।

 

Tanhai Shayari in Hindi

अब आइए आपको हम यह स्पेशल Tanhai Shayari in Hindi पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी और इसे अगर आप अपने दोस्तों को शेयर करेंगे तो उनको भी यह बहुत पसंद आएगी।

 

तन्हाई में चलते चलते,
अब पैर लडखडा रहे हैं,
कभी साथ चलता था कोई,
अब अकेले चलें जा रहे हैं.,

 

तन्हाई के लम्हात का एहसास हुआ है,
जब तारों भरी रात का एहसास हुआ है.,

 

है आदमी बजाए ख़ुद इक महशर-ए-ख़याल,
हम अंजुमन समझते हैं ख़ल्वत ही क्यूँ न हो.,

 

अकेला उस को न छोड़ा जो घर से निकला वो,
हर इक बहाने से मैं उस सनम के साथ रहा.,

 

दरिया की वुसअतों से उसे नापते नहीं,
तन्हाई कितनी गहरी है इक जाम भर के देख.,

 

मैं तो तन्हा था मगर तुझ को भी तन्हा देखा,
अपनी तस्वीर के पीछे तिरा चेहरा देखा.,

 

गो मुझे एहसास-ए-तन्हाई रहा शिद्दत के साथ,
काट दी आधी सदी एक अजनबी औरत के साथ.,

 

मिरे वजूद को परछाइयों ने तोड़ दिया,
मैं इक हिसार था तन्हाइयों ने तोड़ दिया.,

 

उदासियाँ हैं जो दिन में तो शब में तन्हाई,
बसा के देख लिया शहर-ए-आरज़ू मैं ने.,

 

Welcome Shayari

 

दश्त-ए-तन्हाई में जीने का सलीक़ा सीखिए,

ये शिकस्ता बाम-ओ-दर भी हम-सफ़र हो जाएँगे.,

 

पुकारा जब मुझे तन्हाई ने तो याद आया,
कि अपने साथ बहुत मुख़्तसर रहा हूँ मैं.,

 

ये कैसा क़ाफ़िला है जिस में सारे लोग तन्हा हैं,
ये किस बर्ज़ख़ में हैं हम सब तुम्हें भी सोचना होगा.,

 

सिमटती फैलती तन्हाई सोते जागते दर्द,
वो अपने और मिरे दरमियान छोड़ गया.,

 

तू जुनून भी मेरा तू फितूर भी,
तेरा इश्क़ करता मुझे मजबूर भी,
सिर को तेरे कदमों पे झुका दूं लेकिन,
इश्क़ देख मेरा बन जाए तू मघरूर भी.,

 

कभी गम तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जड़ी मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिन में उनकी बेवफाई मार गयी.,

 

मेरे दिल का दर्द किसने देखा जुम्हे बस खुदा ने तड़पते देखा,
हम तन्हाई में बैठे रोते है लोगो ने हमें महेफिलों में हस्ते देखा.,

 

फिर उसके जाते ही दिल सुनसान हु कर रह गया,
अच्छा भला आबाद शहर वीरान हो कर रह गया.,

 

tanhai shayari

 

वो भी तनहा रोती है और इधर खुश में भी नहीं,
सायद पियार की मंजिल यहाँ भी नहीं वहां भी नहीं.,

 

आज इनता तनहा महेसूस किया खुद को,
जेसे लोग दफना क्र चले गए हों.,

 

दर्द ही सही मेरे इश्क का इनाम तो आया,
खली ही सही हातों में जाम तो आया,
में हूँ बेवफा सबको बताया उसने,
यु ही सही उसके लबों पे मेरा नाम तो आया.,

 

बड़ा दर्द देती है तेरी तन्हाई,

जिस्म मैं आग सी लगा जाती है,

कोई तो वजह दे मुस्कराने की,

मैं रोता हु तो रोती है मेरी तन्हाई.,

 

तेरे दूर जाने का गम,

अब तो सांसे भी लगती है बोझ सी,

कैसे तुम्हे बताए अब ये धड़कन की,

आवाज भी लगती है शोर सी.,

 

मैंने तन्हाई में हमेशा तुम्हे पुकारा है,

सुन लो गौर से ऐ सनम तेरे बिना,

ज़िंदगी अधूरी सी लगती है.,

 

यादों में आपके तनहा बैठे हैं,

बिना लबों की हँसी गँवा बैठे हैं,

आपकी दुनिया में अँधेरा ना हो,

इसलिए खुद का दिल जला बैठे हैं.,

 

अब तो हसरत ही नहीं रही,

किसी से वफ़ा पाने की दिल इस क़दर,

टूटा है की अब सिर्फ तन्हाई अच्छी लगती है.,

 

एक मुद्दत से मेरे हाल से बेगाना है,​

​जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है,

​​मैं जो जिंदगी हूँ तो वो भी हैं ​​अना का कैदी,

​​मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है.,

 

Yaadein Shayari

 

तू ना निभा सकी तो क्या मै अपनी मोहब्बत,

को अंजाम दूंगा तुझसे मिलना ना हुआ नसीब,

में तो क्या हुआ मै अपनी औलाद को तेरा नाम दूंगा.,

 

कितनी अजीब है मेरे अंदर की तन्हाई भी,

हज़ारों अपने है मगर याद तुम ही आते हो.,

 

tanhai shayari

 

तन्हाई ना पाए कोई साथ के बाद,

जुदाई ना पाए कोई मुलाकात के बाद,

ना पड़े किसी को किसी की आदत इतनी,

कि हर सांस भी आए उसकी याद के बाद.,

 

तन्हाई में जीना सिख लो दोस्तों,

मोहब्बत कितनी ही सच्ची हो,

एक दिन साथ चोर जाती है.,

 

तेरे बिना ये कैसे गुजरेंगी मेरी रातें,

तन्हाई का गम कैसे सहेंगी ये रातें,

बहुत लम्बी हैं ये घड़ियाँ इंतज़ार की,

करवट बदल-बदल के कटेंगी ये रातें.,

 

तन्हाई तो साथी है अपनी ज़िन्दगी,

के हर एक पल की चलो यह शिकवा भी,

दूर हुआ के किसी ने साथ न दिया.,

 

कितना भी दुनिया के लिए हँस के,

जी लें हम, रुला देती है फिर भी,

किसी की कमी कभी-कभी.,

 

कुछ सोचो तो तेरा ख्याल आता है,

कुछ बोलूं तो तेरा नाम आता है,

काब तक छुपाऊ में अपने दिल की बात,

उस की हार अदा पे हमें प्यार आता है.,

 

उतरे जो ज़िन्दगी तेरी गलियों में हम,

महफ़िल में रह के भी रहे तन्हाइयो में हम,

दीवानगी नहीं तो और किया कहे इसे,

इंसान ढूंढते रहे परछाइयों में हम.,

 

मेरी यादें मेरा चेहरा मेरी बातें रुलायेंगी,

हिज़्र के दौर में गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,

दिनों को तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों में,

जहाँ तन्हा मिलोगे तुम तुम्हें रातें रुलायेंगी.,

 

चलते चलते अकेले अब थक गए हम,
जो मंजिल को जाये वो डगर चाहिए,
तन्हाई का बोझ अब और उठता नहीं,
अब हमको भी एक हम-सफ़र चाहिए.,

 

किया कहें बिन तेरे ये ज़िन्दगी है कैसी,
दिल को जलती ये बेबसी है कैसी,
ना कह पाते है ना सह पाते है,
ना जाने तकदीर मैं लिखी ये आशिकी है कैसी.,

 

जब महफ़िल में भी तन्हाई पास हो,
रोशनी में भी अँधेरे का एहसास हो,
तब किसी खास की याद में मुस्कुरा दो,
शायद वो भी आपके इंतजार में उदास हो.,

 

एक पल का एहसास बनकर आ जाते हो तुम,
दूसरे ही पल खाव्ब बनकर उढ़ जाते हो तुम,
तुम जानते हो के लगता है डर तनहाइयों से,
फिर भी बार बार तन्हा छोड़ जाते हो तुम.,

 

 

क्या लाजवाब था तेरा मुझे छोड़ के जाना,
भरी भरी आँखों से मुस्कराए थे हम,
अब तो सिर्फ मैं हूँ और तेरी यादें हैं,
गुजर रहे हैं यूँ ही तन्हाई के मौसम.,

 

जिंदगी के ज़हर को यूँ हँस के पी रहे हैं,
तेरे प्यार बिना यूँ ही ज़िन्दगी जी रहे हैं,
अकेलेपन से तो अब डर नहीं लगता हमें,
तेरे जाने के बाद यूँ ही तन्हा जी रहे हैं.,

 

अगर जिंदगी में जुदाई न होती,
तो कभी किसी की याद न आई होती,
अगर साथ गुजरा होता हर लम्हा तो,
शायद रिश्तो में इतनी गहराई न होती.,

 

वो जोश-ए-तन्हाई शब-ए-ग़म,
वो हर तरफ बेकसी का आलम,
कटी है आँखों में रात सारी,
तड़प तड़प कर सहर हुयी.,

 

इस पोस्ट में आपको हमने स्पेशल Tanhai shayari पढाई जो हम आशा करते की आपको बेहद पसंद आई होगी अगर हां तो आप अगली बार हमरी Hindi shayari की बाकि शयरी जरुर पढ़े.

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