60+ Winter Shayari in Hindi With Image | Winter Shayari

Winter Shayari – दोस्तों सर्द के मौषम मे सबका यही मन करता की बस सब काम को भूल कर केवल और केवल राजाई मे बैठे और गर्म चाय पी कर इस सुहाने ठंड के समय का मजा ले और साथ मे अपने साथ चाहिते यारों को फोन कर के उनको भी इस सुहाने मौषम का हाल बताए और फिर अपनी वही पुरानी दोस्ती की कहानी की बातों को दुबारा से याद करे।

इसी ले आज हम आपको यह Winter Shayari पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी साथ मे आप इन सभी Winter Shayari अपने साथ दोस्तों को शेयर करके उनको भी इस ठंड मौषम का हाल बता कर अपनी पुरानी दोस्ती की मजेदार बातों का याद दिल सकते हो।

ठंड के मौषम मे जब आप राजाई मे हो और आपसे कोई बाट करने वालों हो तो बहुत अच्छ लगता लेकिन ठंड मे सबको टाइम मिले ऐसा भी मुमकिन नहीं तो इस लिए आप सभी इन Hindi Winter Shayari को पहले अपने दोस्तों को शेयर करिए ताकि वह भी अपने लिए समय निकले और इस मौषम का मजा ले सके।

जिसके बाद वह इस Winter Season Shayari पढ़ कर आपको याद करे और फिर आपसे बाट करे और फिर सुरू करिए अपनी दोस्ती की कहानी तो आइए सुरू करिए और पढिए इन सभी Winter Shayari को बिना किसी परेशानी।

 

Winter Shayari in Hindi

अब आइए आपको हम यह Winter Shayari in Hindi पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी साथ मे आप इन सभी Winter Shayari को अपने दोस्तों मे शेयर भी करिए।

 

सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है,

रात मे रजाई का मजा अलग सा है,

धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को,

आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है.,

 

ठण्ड से हाल बेहाल है,

क्यूंकि सर्दी बेमिसाल है,

ठण्ड से कुकुड जाता शरीर है,

बनी रहते माथे की लकीर है.,

 

हवा का झोंका आया तेरी खुशबू साथ लाया,

मैं समझ गया की तू आज फिर नहीं नहाया.,

 

कितना दर्द हैं दिल में दिखाया नही जाता,

गंभीर हैं किस्सा सुनाया नही जाता,

विडियो कॉल मत कर पगली,

रजाई में से मुहँ निकाला नही जाता.,

 

ठंड में एक अलग सी लत लग जाती है,

धूप की गर्मी, आग की तपन बहुत भाती है.,

 

हमें इसी ठंड का इन्तजार है,

बीमारी तो एक बहाना है कभी,

हमसफर बनके देखो तो जानो,

ये सफर कैसा सुहाना है.,

 

लिपट जाओ मेरे सीने से की,

आगाज़-ए-सर्दी है ये ठंडी हवा,

कही तुम्हे बीमार न कर दे.,

 

Gam Shayari

 

प्रेम रतन धन पायो, सर्दी का मौसम,

आयो, स्वेटर पेहेन कर घर के बहार,

जायो, रज़ाई के बहार न आयो, भूल न,

जाना जो बी मई समझायो वर्ण सर्दी,

लग जाएगी भाइयो.,

 

मेरी GF आज भी ठण्ड में ठिठुर रही है,

मैंने बस एक बार  इतना कह दिया था,

 स्वेटर के बिना हीरोइन लग रही हो.,

 

बदलता वक़्त और हालत का साथ,

बदल जाना चाहिए, क्यों की सर्दी,

में गर्मी के कपडे पहने नहीं जाते.,

 

तुम्हे बाँहों में भर के सीने से,

लगाना ठंड बहुत है तुमको ये,

बताना अच्छा लगता है हमे,

यूँ सर्दी में प्यार जाताना.,

 

इस सर्दी के मौसम में हम,

दोनों एक साथ हो इससे,

अच्छी और क्या बात हो.,

 

अर्ज किया है सारी सारी,

रात गुजर जाती है बस इसी,

कस्मकस में की ये साली रजाई,

में हवा किधर से घुस रही है.,

 

कप कप करके ठंडी बजती,

ओस की बुँदे घास पर सजती,

कोहरा सजता हैं बड़ा दमदार,

पहाड़ों पर सजता सदाबहार.,

 

शीतल शीतल वायु चली आकाश हुआ सुहाना,

अनपढ़ भी व्हाट्सप्प पढ़ने लगे शिक्षित हुआ जमाना.,

 

पुरे ऑफिस में हाय तोबा मचाई है,

लगता है आज बिना नहाये ही आयी है.,

 

हवा का झोंका आया तेरी खुशबू साथ लाया,
मैं समझ गया की तू आज फिर नहीं नहाया.,

 

कितना दर्द हैं दिल में दिखाया नही जाता,
गंभीर हैं किस्सा सुनाया नही जाता,
विडियो कॉल मत कर पगली,
रजाई में से मुहँ निकाला नही जाता.,

 

winter shayari

 

 सर्दी में भी ठंडे-ठंडे पानी से नहाना चाहिए,

ज्यादा ठंड लगे तो रजाई में घुस जाना चाहिए.,

 

पलट दूँगा सारी दुनिया मैं ऐ खुदा,
बस रजाई से निकलने की ताकत दे दे.,

 

न मैं दिल में आता हूँ नासमझ में आता हूँ,
इतनी सर्दी में मैं कहीं नहीं आता-जाता हूँ.,

 

बदन ठंडा सा पड़ रहा है सांस थम सी गयी है,

इस सर्दी के मौसम में शायरी जम सी गयी है.,

 

जब छोड़ कर गयी वो तब सर्दी की रातें थी,

मुझे आज भी रज़ाई में उसकी कमी खलती है.,

 

वो दिन आ गए जब लोग ठंड से कंपकपाने लगते है,

इन सर्दियों में अक्सर दो दिल ज़्यादा करीब आने लगते हैं.,

 

क्या कहा छोड़ कर जाना चाहती हो,

जाओ तुम बिन भी हम जी लेंगे,

इन सर्दियों में तू ना रही मेरे साथ तो,

हम बोतल खोलेंगे और पी लेंगे.,

 

दिसंबर की रातों में सर्दी बढ़ने लगती है,

अकेले सोते हुए तेरी यादें ज़हन में चलने लगती है,

समझा लेते हैं दिल को बहुत बार लेकिन,

इस ठंड में तुझे पाने की इच्छा जगने लगती है.,

 

Alvida Shayari

 

मैं तुझे हमेशा के लिए अपना बनाना चाहता हूँ,

बहुत मिल लिया छुप छुप कर,

अब अपनी दुल्हन बनाना चाहता हूँ,

मैं इस सर्दियों में शादी कर तुझे घर लाना चाहता हूँ.,

 

जो भी मांगना चाहो मांग लो हमसे,

सब तुम पर कुर्बान कर जाएंगे,

बस एक मांगना ना हमसे रजाई,

इस सर्दी के मौसम में यह ना कर पाएंगे.,

 

ठंडे मौसम में हमने मिलकर आग लगाई थी,

जब तू मुझसे मिलने मेरे पास आई थी,

ठंड में भी गर्मी का एहसास होने लगा था,

जब तू कस कर आपने सीने से लगाई थी.,

 

ठंड से तड़पते जिस्म को तूने सहारा दिया था,

जब सीने से लिपट तुमने प्यार का इज़हार किया था,

सीने से लिपट तुमने आग लगा डाली थी,

मर चुके इस जिस्म में चिंगारी जला डाली थी.,

 

 जीवन में एक बात याद रखना कि,

आँसू पोछने वाले हजारो मिलेंगे पर,

नाक पोछने कोई नहीं आता,

ठंड आ गई हैं अपना ध्यान रखना.,

 

winter shayari

 

कितना दर्द हैं दिल में दिखाया नही जाता,
गंभीर हैं किस्सा सुनाया नही जाता,
विडियो कॉल मत कर पगली,
रजाई में से मुहँ निकाला नही जाता.,

 

सर्द मौसम का मज़ा कितना अलग सा हैं,
तन्हा रात में इंतजार कितना अलग सा हैं,
धुंध बनी नक़ाब और छुपा लिया सितारों को,
उनकी तन्हाई का अब एहसास कितना अलग सा है.,

 

क्यूँ किसी की यादों को सोच कर रोया जाए,
क्यूँ किसी के ख्यालों में यूँ खोया जाए,
बाहर मौसम बहुत ख़राब हैं,
क्यूँ न रजाई तानकर सोया जाए.,

 

तुम्हारी सर्दी भरी आहें और मेरे गुनगुने मिजाज़,

क़यामत की रात होगी वो जब आप होंगे हमारे साथ.,

 

सर्दी की बरफ पड़ रही है और पास में नहीं है रजाई,

क्यों ना एक दुसरे को ओढ़ के अभी दूर कर ले तन्हाई.,

 

ना जाने कितने दिनों के बाद ये ख़ुशी मिली हमको,

तेरे हाथो की कॉफ़ी जब सर्दी में मिली हमको.,

 

मौसम का जादू छा गया है,

सिमट के चिपकने का समय आ गया है,

ले लो कम्बल के साथ मुझको भी अन्दर,

आपको गर्मी देने का मौसम आ गया है.,

 

इस साल सर्दी जब अपने चरम पर आएगी,

क्या उस पल मेरी ख्वाहिश पूरी हो जायेगी.,

 

winter shayari

 

ना चाहने की आदत मेरी चाहत में कब बदल गई,

अच्छी खासी थी मैं लड़की प्यार का दरिया कब बन गई.,

 

कड़कती हुई ठण्ड में तुम मुझसे चिपक जाना,

खुद को मुझ में और मुझको खुद में समाना.,

 

पूछते हैं लोग की उसको प्यार नहीं तुमसे,

तो फिर दिल क्यों दे दिया उसको,

कैसे बताये हम सबको की उसमे बात ही कुछ ऐसी थी,

दिल दिया नहीं होता तो जान चली गई होती हमारी.,

 

मुझको एक रात में एक पल ऐसा चाहिए,

सर्दी की हो बारिश और संग तेरा चाहिए.,

 

तुम महसूस ही ना करो ये अलग बात है,

सर्दी में हवा बनकर तेरे पास से ही गुज़रते हैं हम.,

 

ठंड में जब महबूब की याद आती है,
बड़े मुश्किल से ये रातें काटी जाती है.,

 

सर्द मौसम का मज़ा कितना अलग सा हैं,
तन्हा रात में इंतजार कितना अलग सा हैं,
धुंध बनी नक़ाब और छुपा लिया सितारों को,
उनकी तन्हाई का अब एहसास कितना अलग सा हैं.,

 

Conclusion

इस पोस्ट में आपको हमने स्पेशल Winter Shayari पढाई जो हम आशा करते की आपको बेहद पसंद आई होगी अगर हां तो आप अगली बार हमरी Hindi shayari की बाकि शयरी जरुर पढ़े.

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